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राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में चंपत राय और अनिल मिश्रा को बड़ी राहत! SIT की अंतिम रिपोर्ट में क्लीन चिट

 Reported By: Vishal Singh Written By: Niraj Kumar
 Published : Aug 18, 2026 12:17 pm IST,  Updated : Aug 18, 2026 01:10 pm IST

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। एसआईटी ने दोनों को मामले में क्लीन चिट दी है।

चंपत राय- India TV Hindi
चंपत राय Image Source : PTI

अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) की अंतिम रिपोर्ट सामने आ गई है। सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य अनिल मिश्रा को बड़ी राहत मिली है। एसआईटी ने दोनों को क्लीन चिट दे दी है।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपी गई रिपोर्ट

जानकारी के मुताबिक यूपी शाशन को सौंपी गई SIT की अंतिम रिपोर्ट को आगे की कार्रवाई के लिए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया गया है। SIR की इस रिपोर्ट में जहां चंपत राय और अनिल मिश्रा को क्लीन चिट दी गई है वहीं इस मामले में गिरफ्तार किए गए आठ लोगों को ही दोषी ठहराया गया है।

रिपोर्ट के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई

बता दें कि राम मंदिर में चढ़ावे और दान की चोरी के विवाद के बाद जांच एसआईटी को सौंपी गई थी। जांच टीम ने कई लोगों से पूछताछ की थी और उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल की थी। अब अंतिम रिपोर्ट में चंपत राय और अनिल मिश्रा को जिम्मेदार नहीं माना गया है। मामले में आगे की कार्रवाई एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।

चंपत राय और अनिल मिश्रा ने दिया था इस्तीफा

इस रिपोर्ट में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और रमाशंकर यादव ऊर्फ टिन्नू को आरोपी माना गया है। चंपत राय और अनिल मिश्रा ने इस मामले की जांच शुरू होने के बाद अपने पदों से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट की बैठक में दोनों ने अपने इस्तीफा भिजवा दिया था। चंपत राय ने कहा था कि वे अयोध्या में चार महीने की चातुर्मास साधना करेंगे। 

सीईओ की नियुक्ति प्रक्रिया जारी

इस बीच राम मंदिर में चढ़ावे के गबन के आरोपों के बाद पूर्णकालिक सीईओ की नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया और आवेदनों की प्रक्रिया शुरू हुई।  राम जन्मभूमि न्यास ने इस पद के लिए आए करीब 5,200 आवेदनों में से 18 उम्मीदवारों को छांटा है। इनमें दक्षिण भारत के मंदिरों से जुड़े पूर्व वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। इस बीच, सीईओ की नियुक्त के निर्णय को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया आई है जिसमें अयोध्या के कुछ संत इस योजना के खिलाफ हैं। राम जन्मभूमि न्यास  न्यास ने जगदीश आफले को अपना पहला सचिव नियुक्त करने का भी प्रस्ताव किया है जिस पर दो सितंबर को न्यास की अगली बैठक में इसकी पुष्टि होने की संभावना है। 

बता दें कि 2019 में  सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद चंपत राय श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव बनाये गए थे। इस ट्रस्ट में 15 लोग थे। इनमे ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास, महासचिव चंपत राय,अयोध्या के राजा कहे जाने वाले विमलेंद्र मोहन प्रताप मिश्र (अब इनकी मौत हो चुकी है), डॉ अनिल मिश्रा, निर्मोही अखाड़े के महंत दीनेन्द्र दास। वहीं, अयोध्या के डीएम पदेन सदस्य है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ही मंदिर का सब काम काज देखते थे और डॉ अनिल मिश्रा पूरे वक्त चंपत राय के साथ ही रहते थे।

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